यह महत्वपूर्ण है कि आप इस तकनीक की सीमाओं को जानें:
- यह एक नैदानिक (diagnostic) परीक्षण नहीं है। परिणाम सूचनात्मक, निवारक और कल्याणकारी हैं। आपको किसी योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श किए बिना नैदानिक निर्णय नहीं लेने चाहिए। आनुवंशिक पूर्व-प्रवृत्ति (predisposition) एक निदान (diagnosis) के बराबर नहीं है।
- परिवर्तनीय कवरेज (Variable coverage)। यद्यपि औसत कवरेज 30x है, जीनोम के कुछ क्षेत्र ऐसे होते हैं जिनका अनुक्रमण कठिन होता है (अत्यधिक दोहराव वाले क्षेत्र, टेलोमेरेस, सेंट्रोमेरेस) जहां विश्वसनीयता कम हो सकती है।
- संरचनात्मक वेरिएंट का पता लगाना। इनका पता उच्च विश्वसनीयता के साथ लगाया जाता है, लेकिन जटिल क्षेत्रों में स्थित कुछ बहुत छोटे या विशिष्ट वेरिएंट की पहचान नहीं हो सकती है। कुछ लंबे आनुवंशिक विस्तारों (expansions) के लिए विशिष्ट पुष्टिकरण परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है।
- मोज़ेकिसम (Mosaicism)। निम्न-स्तरीय आनुवंशिक मोज़ेकिसम (एक व्यक्ति में विभिन्न कोशिका आबादी की उपस्थिति) का पता नहीं लगाया जा सकता है।
- माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए। हम फिलहाल बहुत कम स्तर के हेटेरोप्लाज्मिया (माइटोकॉन्ड्रियल वेरिएंट) का विश्लेषण नहीं करते हैं।
- पूर्वजता (Ancestry)। परिणामों की सटीकता संदर्भ डेटाबेस में आपके मूल की आबादी के प्रतिनिधित्व पर निर्भर करती है।
- फार्माकोजेनेटिक्स। यह रिपोर्ट संयुक्त राज्य अमेरिका में उपलब्ध नहीं है। जहां यह उपलब्ध है, सिफारिशों की व्याख्या हमेशा एक पेशेवर द्वारा की जानी चाहिए।
